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Friday, November 27, 2020

कोरोना से रिकवरी के 7 दिन बाद अपनी क्षमता का 50% ही वर्कआउट करें वरना दिल-फेफड़ों को खतरा

कोरोना से रिकवरी के बावजूद एक्सरसाइज के पुराने रूटीन पर कब लौटें? यह एक बड़ा सवाल है। अमेरिका के जाने-माने स्पोर्ट्स फिजिशियन डॉ. जॉर्डन मेट्जेल कहते हैं कि सामान्य धारणा यह है कि एक्सरसाइज के मामले में हमें अपने शरीर की सुननी चाहिए। यानी जब शरीर को लगे कि वह एक्सरसाइज करने के लिए फिट है, तभी हमें एक्सरसाइज करना चाहिए। लेकिन कोविड ने पुरानी सभी धारणाओं को खत्म कर दिया है। कोरोना के संक्रमण के बाद मरीजों को अपने पुराने रूटीन पर लौटने में समस्या आ रही है।

सैकड़ों एथलीट अपनी पुरानी क्षमता पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें थोड़े से वर्कआउट के बाद ही थकान और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं आ रही हैं। डॉ. जॉर्डन कहते हैं कि कोरोना के बाद मायोकार्डिटिस जैसी समस्या सामने आ सकती है। यह वह स्थिति होती है, जब दिल की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है। इससे दिल की क्षमता कमजोर हो जाती है।

दिल के पंप करने की क्षमता घट जाती
मायोकार्डिटिस में हार्ट और उसके इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित कर सकती है, जिससे दिल की खून पंप करने की क्षमता कम हो जाती है। धड़कनें अनियमित हो जाती हैं। डॉ. जॉर्डन डी कहते हैं, जर्मनी के जामा कार्डियोलॉजी में कोरोना संक्रमित रह चुके 100 महिला और पुरुषों पर एक रिसर्च की गई। रिसर्च कहती है, 78 % में मायोकार्डिटिस के लक्षण पाए गए जबकि संक्रमण से पहले ये स्वस्थ थे।

कोरोनावायरस के संक्रमण का दिल पर भी सीधा असर
कोरोनावायरस का शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर असर होता है। द लैंसेट जर्नल में पब्लिश एक रिसर्च के मुताबिक, कोरोना वायरस दिल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। एक केस स्टडी के मुताबिक, डॉक्टर्स ने 11 साल के एक बच्चे में मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेट्री सिंड्रोम (एमआईएस-सी) पाया। यह एक दुर्लभ बीमारी है। बच्चे की मृत्यु मायोकार्डिटिस और हार्ट फेल होने के कारण हुई थी।
एटॉप्सी के दौरान पैथोलॉजिस्ट ने पाया कि बच्चे के हृदय के ऊतकों में कोरोनावायरस के पार्टिकल्स थे। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने 6 अन्य मृत रोगियों के हृदय की मांसपेशियों में भी इस वायरस का प्रोटीन पाया। खास बात यह है कि रोगियों की मौत फेफड़ों के खराब होने की वजह से मानी जा रही थी।

लक्षण भले न दिखें लेकिन डॉक्टर से सलाह जरूर लें
वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे लोग जिन्हें संक्रमण बहुत ही मामूली हुआ हो या लक्षण न दिखाई दिए हों फिर भी एक्सरसाइज शुरू करने के पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा अगर बुखार, कफ, छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और घबराहट या धड़कनें असामान्य महसूस हो रही हों तो एक्सरसाइज बिल्कुल भी न करें। लक्षणों के पूरी तरह ठीक होने के बाद ही एक्सरसाइज धीमी गति से शुरू करें। इतना ही नहीं, डॉक्टरों के मुताबिक, अगर फ्लू जैसे सामान्य लक्षण भी हैं तो एक्सरसाइज रूटीन शुरू करने से पहले कोविड टेस्ट करवा लेना चाहिए।

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