हालिया रिसर्च में यह साबित हुआ है कि अमेरिकी कम्पनी मॉडर्ना की वैक्सीन से शरीर में पॉवरफुल एंटीबॉडीज बनती हैं। यह शरीर में कम से कम 3 महीने तक रहती हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिसीज ने 34 वयस्कों को यह वैक्सीन देकर रिसर्च की। रिसर्च में सामने आया कि वैक्सीन देने के बाद इम्यून सिस्टम इतनी एंटीबॉडीज तैयार करता है जो अगले तीन महीने तक बरकरार रहती हैं।
इम्यून रेस्पॉन्स देखा गया
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, मॉडर्ना की वैक्सीन mRNA-1273 को दो इंजेक्शन के रूप में दिया गया। रिसर्च के दौरान वॉलंटियर्स को वैक्सीन देने के बाद उनके इम्यून रेस्पॉन्स का अध्ययन किया गया।
एक्सपर्ट कहते हैं, अगर समय के साथ एंटीबॉडीज खत्म हो जाती हैं तो दोबारा वायरस का संक्रमण होने पर इम्यून सिस्टम वापस एंटीबॉडीज बनाता है। इससे पहले सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, यह वैक्सीन कोरोना से बचाने में 94 फीसदी तक असरदार साबित हो चुकी है।
इमरजेंसी अप्रूवल की तैयारी
मॉडर्ना ने हाल ही में कहा था, वह अमेरिकन और यूरोपियन कंट्रोल से अपील करेगा कि कोरोना की इस वैक्सीन को इमरजेंसी स्थिति में देने की परमिशन दें। 17 दिसम्बर को एडवाइजरी कमेटी वैक्सीन का रिव्यू करेगी। इसके बाद ही मॉडर्ना को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का अप्रूवल मिल सकेगा।
मरीजों का आंकड़ा 96.09 लाख पहुंचा
देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 96 लाख के पार हो गया। अब तक 96 लाख 9 हजार 519 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 4 लाख 8 हजार 401 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 90 लाख 59 हजार 561 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 1 लाख 39 हजार 745 हो गई है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।
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